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साहित्यिक कोना

बिना टकराए मंजिल तक,पहुंच पाना बड़ा मुश्किल।

खाकर ठोकरें गिरि सी,संभल जाना बड़ा मुश्किल । टूटे ख्वाब को फिर से,सजा पाना बड़ा मुश्किल। नया इतिहास रचना है ,पड़ेगा मौत से लड़ना, बिना टकराए मंजिल तक,पहुंच पाना बड़ा मुश्किल। गिराएंगे तुम्हें बुझदिल, गिराना काम है उनका, न गिरना सामने उनके, संभल जाना बड़ा मुश्किल। जवानी है दीवानी तो, …

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लघु कथा – भूख का कोई धर्म नहीं होता

मैं पार्क में बैठे-बैठे बहुत बोर हो चुका था तो मैंने सोचा जब तक शिवम आता है, तब तक मैं बाहर सड़क पर टहल लेता हूं । मैं पार्क से बाहर निकला और कुछ गुनगुनाते हुए पास की चाय की दुकान के पास टहलने लगा । कुछ देर बाद मैंने …

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101 वर्ष की उम्र में अमला शंकर का निधन

101वर्ष की आयु में हम सबकी “थम्मा” यानि “अमला शंकर” का निधन हो गया। नृत्य सम्राट उदय शंकर की पत्नी और पंडित रविशंकर जी की भाभी…अल्मोड़ा नृत्य सम्राट उदय शंकर की कर्म भूमि रही है…इन्होंने 1938 में “द उदयशंकर कल्चर सेन्टर” की स्थापना की और इस सेन्टर को स्थायी बनाने …

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बेड़ियाँ बन गयी पायल

#श्रृंगार आँख की काजल पे बहती अश्रुओं की धार चार चूड़ी हथकड़ी सी कर रही झनकार पाँव जो कि आगे बढ़,उस पर जाने को अधीर थे बेड़ियां बन गयी पायल,रह गए इस पार नारी तेरी दुर्दशा की तू ही जिम्मेदार अजब ये श्रृंगार तेरा,गजब ये श्रृंगार… प्रशंसा यायावर (पीयू)

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ये कैसा मिथ्या मास हैं.

आँसुओं का सागर हैं.. वेदना का आकाश हैं.. अवनि पर बरसे अग्नि.. बुझती हृदय की आस हैं.. करुणा का गीत सुनाती.. मेरी हर एक श्वास है.. ना दिन हैं ना रात है.. ये कैसा मिथ्या मास हैं.. कल्याण का कलरव हैं.. पर ये मिथ्या आभास हैं.. क्यो भूले अपना परिचय..? …

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किसने कहा है अँधेरा बुरा है!

किसने कहा है अँधेरा बुरा है!… दूर तक पसरी शांति की उस चादर में सोती अनेकों सिसकियों को तुमने भी सुना होगा !… कालिक की भरी रात की उस डिबिया से एक सिंदूरी रंग तुमने भी चुना होगा !… तुमने भी देखा होगा न ! नभ की दुग्धमेखलाओं को पायल …

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