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कमला हैरिश के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनने से भारत को उम्मीदें

अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद के लिए जैसे ही डेमोक्रेटिक पार्टी ने भारतीय मूल की कैलिफोर्निआ से सीनेटर कमला हैरिश को उम्मीदवार बनाया वैसे ही अमेरिका के साथ-साथ भारत में भी अमेरिकी चुनाव की चर्चा जोर पकड़ने लगी। लिहाज़ा भारतीय बहुत खुश हैं कि उपराष्ट्रपति जैसे बड़े पद पर एक भारतीय मूल का व्यक्ति होगा अतः आने वाले समय में भारत – अमेरिकी सम्बन्ध एक नया आयाम स्थापित कर सकते हैं ।

श्यामा गोपालन अपनी दोनों बेटियों कमला और माया हैरिश के साथ

कमला हैरिश स्पष्ट रूप से कहती हैं कि उन्हें भारतीय होने पर गर्व है और उनकी माँ श्यामला गोपालन उन्हें हमेशा भारतीय परम्परा से जुड़ने और उस पर गर्व करना सिखाया। चेन्नई में जन्मी श्यामला गोपालन मात्र 19 वर्ष कि उम्र में बर्कले विश्वविश्यालय अमेरिका में शोध छात्रा के तौर पर अमेरिका पहुंची। सन 1963 में श्यामला गोपालन ने डानल हैरिश नाम के युवक से शादी की हालाँकि कुछ ही वर्ष (5 -6 वर्ष ) बाद तलाक हो गया श्यामला गोपालन को 2 बेटियां हुई , कमला हैरिश और माया हैरिश। 20 अक्टूबर 1964 को ऑकलैंड कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका में जन्मी कमला हैरिश ने बेहद कम समय में इस मुकाम को हासिल कर लिया और एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। किसी भी भारतीय मूल के व्यक्ति के द्वारा अमेरिकी राजनीति में अबतक का सर्वश्रेष्ठ हासिल है। वर्तमान में कमला कैलिफ़ोर्निया से सीनेटर हैं और पूर्व में कई बड़े पदों पर रह चुकी हैं।  कमला हैरिस ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में भी अपनी भारतीय विरासत पर बातचीत की थी. कमला ने कहा था, “मेरी मां को अपनी भारतीय पहचान को लेकर बहुत गर्व था और उन्होंने हमें भी यही सिखाया. हम अक्सर भारत जाया करते थे. मां के अलावा, मेरे दादा पी. वी. गोपालन का भी मेरी जिंदगी पर बहुत प्रभाव रहा है. मेरे दादा भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में से एक थे. जब मैं मद्रास में अपने दादा के साथ मॉर्निंग वॉक के लिए जाया करती थी तो वह अपने दोस्तों के साथ राजनीति, भ्रष्टाचार और न्याय को लेकर चर्चा किया करते थे. मेरे व्यक्तित्व में इस पृष्ठभूमि का गहरा असर है.”

डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार घोषित करने के बाद कमला हैरिश ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन के साथ एक रैली को सम्बोधित किया और लोगो को विश्वास दिलाया कि हम अमेरिका को पुनः मजबूती के साथ खड़ा करेंगे और अमेरिकी लोगों के अधिकारों की रक्षा पूरे समर्पण के साथ करेंगे। भारत भी इस कदम से बहुत आशन्वित है और भविष्य में भारत – अमेरिकी सम्बन्ध को लेकर काफी कयास लगाएं जा रहे हैं। कमला हैरिस के भारत से जुड़ाव और भारत पर गर्व करने जैसे स्टेटमेंट्स को लेकर भारतीय एक आशा की किरण देख रहे हैं । हालाँकि कमला मानवाधिकार और अनुच्छेद 370 के सम्बन्ध में कई बार नरेंद्र मोदी की आलोचना भी कर चुकी हैं। अब ये देखने वाली बात होगी की इस उम्मीदवारी से क्या भारत को कोई लाभ हो सकता है अथवा नहीं ?

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