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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने लॉक डाउन के दौरान रूम रेंट माफ़ करने की मांग की

कोरोना वायरस से जहाँ एक तरफ लोग मौत के मुँह में समा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ आगे की राह भी आसान नहीं  लग रही है । कोई ऐसा वर्ग नहीं दीखता जो इस महामारी से प्रभावित न हुआ हो , लॉकडाउन लगने के साथ ही  कई सारी समस्याएं भी शुरू हो गयी। गाड़ी , मोटर , ट्रैन , प्लेन बंद होने से लोग अपने गावों की तरफ पैदल ही निकल पड़े। बड़ी संख्या में लोगों की मौत दुर्घटना , भूंख और पैदल चलते – चलते हो गयी। शहरों में रह रहे मजदूर और छात्र इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हुए।Abhishek dwivedi

बकौल इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र अभिषेक द्विवेदी , अजय पांडेय , अभिषेक गहरवार , वैभव सिंह , हरिओम सोमवंशी (बी ए द्वितीय वर्ष ) , दुर्गेश प्रताप सिंह (एल एल बी द्वितीय वर्ष ) , दीपक राय ( बी एस सी तृतीय वर्ष ) ” लॉक डाउन के कारण हमारे अभिभावक जो की कोई सामान्य सी नौकरी अथवा रोज की मजदूरी पर निर्भर थे , उनका आय का श्रोत भी जाता रहा

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आगे छात्रों का कहना है की प्रयागराज के मकान मालिक छात्रों पर किराया वसूलने का दबाव बना रहे हैं। बकौल छात्र ” हमने प्रयागराज प्रशासन से भी अनुरोध किया कि हमारी समस्यांओं को सुना जाये तथा रूम रेंट पर छात्रों को कुछ मदद दी जाये लेकिन प्रशासन भी पूरी समस्या को नजर अंदाज़ करता दिख रहा है । ऐसे में छात्रों के पास कोई विकल्प नहीं बचता और संभव है कि तीन – चार महीने की रूम रेंट की समस्या के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाये क्योंकि बहुत सारे छात्रों को शहर छोड़ना पड़ सकता है। बात सिर्फ इलाहाबाद विश्वविद्यालय या प्रयागराज शहर की नहीं है बल्कि पूरे देश की है लिहाज़ा सरकारें आगे आएं और छात्रों की समस्याओं का समाधान करें ।

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